INTERESTING FACTS

Lord Rama Interesting Facts in Hindi.

भगवान श्री राम जी के बारे में कुछ रोचक तथ्य आप शायद ही जानते होंगे??

1. भगवान राम से सम्बन्धित मुखतः दो ग्रन्थ हैं – तुलसीदास द्वारा रचित ‘श्री रामचरित मानस’ और वाल्मीकि जी द्वारा रचित ‘वाल्मीकि रामायण’। पर दोनों ग्रंथों में ऐसी कई बाते हैं जो मेल नहीं खाती हैं. ( डाकू से महर्षि बने वाल्मीकि जी की जीवनी )

 

2. भगवान् राम भगवान् विष्णु के सातवें अवतार हैं।

 

3. राम नाम रघु राजवंश के गुरु महर्षि वशिष्ठ ने दिया था।

 

4. राम का अवतार एक पूर्ण अवतार नहीं माना जाता है क्योंकि उनको 14 कलाएं ज्ञात थीं. श्री कृष्ण सोलह की सोलह कलाओं में पारंगत थे. ऐसा जान बूझ कर किया गया था क्योंकि रावण को कई वरदान प्राप्त थे, लेकिन एक मनुष्य उसका वध कर सकता था.

 

5. जब राम अवतार का प्रयोजन सिद्ध हो गया तब राम जी को किसी साधारण मनुष्य की तरह ही अपना शरीर त्यागना था . लेकिन उनके परम भक्त हनुमान के होते यमराज के लिए राम जी तक पहुंचना संभव नहीं था. इसलिए राम जी ने जमीन में पड़ी एक दरार से अपनी अंगूठी गिरा दी और हनुमान से उसे लाने के लिए कहा. हनुमान जी उसे खोजते-खोजते नाग लोक पहुँच गए और वहां के राजा से राम जी की अंगूठी के बारे में पूछा. तब राजा ने बताया कि राम जी ने ऐसा उनका ध्यान भटकाने के लिए किया है ताकि यमराज राम जी को ले जा सकें.

 

6. राम जी के अनुज लक्ष्मण सीता मैया और भगवान् राम की रक्षा करने के लिए 14 वर्ष के वनवास में एक भी दिन नहीं सोये थे. इसलिए उनका एक नाम गुडाकेश भी है.

 

7. रावण मायावी था उससे मुकाबला करने के लिए इंद्र देवता ने राम जी के लिए एक दिव्य रथ भेजा था. उसी रथ में बैठ कर राम ने रावण को परास्त किया था.

 

8. वनवास जाते समय भगवान् राम की आयु 27 वर्ष थी.

 

9. रामचरित मानस के अनुसार कि राम-रावण का युद्ध 32 दिन चला था जबकि दोनों सेनाओं के बीच 87 दिन तक युद्ध हुआ.

 

10. लंका पहुँचने के लिए समुन्द्र पर रामसेतु का निर्माण करने में सिर्फ 5 दिन लगे थे.

 

11. माना जाता है कि देवी सीता ने बचपन में ही भगवान शिव का धनुष खेल-खेल में उठा लेती थीं. इसलिए राजा जनक ने उनके स्‍वयंवर के समय धनुष तोड़ने की शर्त रखी थी।

 

12. माना जाता है कि गिलहरी पर जो तीन धारियां हैं वह भगवान राम के आर्शीवाद के कारण हैं. दरअसल, जब लंका पर आक्रमण करने के लिए रामसेतु बनाया जा रहा था तब एक गिलहरी भी इस काम में मदद कर रही थी. उसके समर्पण भाव को देखकर श्रीराम ने प्रेमपूर्वक उसकी पीठ पर अपनी उँगलियाँ फेरी थीं और तभी से गिलहरी पर ये धारियां मौजूद है.

 

13. रावण खुद को अजेय समझता था लेकिन एक बार राजा अनरण्य ने उसे शाप दिया कि उनके वंश से उत्पन्न युवक ही उसकी मृत्यु का का कारण बनेगा. श्री राम राजा अनरण्य के वंश में ही जन्मे थे.

 

14. भगवान राम चार भाई थे – राम, लक्षमण, भरत, शत्रुघ्न, और उनकी एक बड़ी बहन भी थीं जिनका नाम शांता था।

 

15. रामजी के धनुष का नाम कोदंड था.

 

16. भगवान् विष्णु के 1000 नामों में राम नाम 394 नम्बर पर दर्ज है.

 

17. भगवान् विष्णु के अवतार परशुराम ये नहीं जानते थे कि श्री राम भी विष्णु-अवतार हैं. इसलिए उन्होंने राम जी को विष्णु जी के धनुष पे प्रत्यंचा चढाने को कहा, जिसे राम जी ने आसानी से चढ़ा दिया और परशुराम जी भी राम जी के असली स्वरुप को जान गए.

 

18. रावण अपने समय का सबसे बड़ा ज्ञानी था, इसीलिए एक बार राम जी ने रावण को महा-ब्राह्मण कह कर पुकारा था, और उसकी मृत्यु के समय लक्षमण को उससे ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा था.

 

19. लंका पर चढ़ाई करने से पहले श्रीराम ने रामेश्वरम में शिव लिंग बना कर शिव अराधना की थी. आज भी रामेश्वरम हिन्दुओं के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है.

 

20. सीता जी के स्वयंवर में राम जी ने शिव जी के जिस धनुष को तोड़ा था उसका नाम पिनाक था.

 

21. जिस जंगल में भगवान् राम, सीता मैया और लक्षमण जी ने वनवास काटा था उस जंगल का नाम दंडकारण्य था.

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